- मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत हायर सेकंडरी स्कूल लगधा का निरीक्षण, विद्यार्थियों की उपस्थिति और पढ़ाई को लेकर लिया फीडबैक
विदिशा। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने आज हायर सेकंडरी स्कूल लगधा पहुंचकर विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों का जायजा लेकर विभिन्न कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों की उपस्थिति, अध्ययन-अध्यापन की स्थिति तथा विद्यालय में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली थी। कलेक्टर ने विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के संबंध में जानकारी प्राप्त की, जो नियमित रूप से विद्यालय नहीं आ रहे हैं।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि प्रत्येक बच्चे की शिक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। विद्यार्थियों की अनुपस्थिति केवल विद्यालय की समस्या नहीं है, बल्कि इसके पीछे पारिवारिक, आर्थिक, आवागमन अथवा अन्य कारण भी हो सकते हैं। ऐसे में आवश्यक है कि बच्चों और उनके अभिभावकों से संवाद कर समस्या के वास्तविक कारण को समझा जाए और उसका समाधान किया जाए।
अनुपस्थित विद्यार्थियों के घर पहुंचा प्रशासन –
विद्यालय में अनुपस्थित पाए गए विद्यार्थियों की जानकारी लेने के बाद कलेक्टर श्री गुप्ता ने जिला पंचायत सीईओ को संबंधित विद्यार्थियों के घर जाकर अभिभावकों से संवाद करने के निर्देश दिए। कलेक्टर की इस पहल का सकारात्मक असर देखने को मिला। प्रशासन द्वारा बच्चों के घर पहुंचकर शिक्षा के महत्व और नियमित विद्यालय आने के लिए प्रेरित किए जाने के बाद विद्यार्थियों एवं अभिभावकों में उत्साह दिखाई दिया।
जिला पंचायत सीईओ ने ग्राम बिसदा पहुंचकर विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से संवाद किया। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल जाने तथा मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा के महत्व को समझाते हुए अपने जीवन से जुड़े अनुभव और संस्मरण भी बच्चों एवं अभिभावकों के साथ साझा किए। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियां शिक्षा के रास्ते में बाधा नहीं बननी चाहिए। मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास से विद्यार्थी अपने जीवन में बेहतर मुकाम हासिल कर सकते हैं।

संवाद का असर, भाई को स्कूल पहुंचाने निकला बड़ा भाई –
प्रशासन के संवाद और समझाइश का असर ग्राम बिसदा में देखने को मिला। बड़े भाई रोहित रैकवार अपनी मोटरसाइकिल से छोटे भाई विशाल को लेकर स्कूल के लिए रवाना हुए। बच्चों के स्कूल जाने के इस दृश्य ने प्रशासन की उस पहल को सार्थकता प्रदान की, जिसमें केवल निर्देश देने के बजाय बच्चों और उनके परिवारों तक पहुंचकर संवाद के माध्यम से शिक्षा से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
इसी तरह छात्रा कुमारी अम्बिका शासन की मदद से उपलब्ध कराई गई साइकिल से स्कूल के लिए रवाना हुई। साइकिल मिलने से उसके लिए विद्यालय तक पहुंचना आसान हुआ है और वह नियमित रूप से अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए उत्साहित नजर आई। वहीं सौरभ और आशीष भी एक साथ गांव से स्कूल के लिए रवाना हुए। दोनों विद्यार्थी कक्षा 9वीं में अध्ययन करेंगे। बच्चों के स्कूल जाने के इस उत्साह से यह स्पष्ट हुआ कि यदि विद्यार्थियों की समस्याओं को समझकर समय पर सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए, तो उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है।
बच्चों से संवाद कर शिक्षा को बनाया प्रेरणा का विषय –
जिला पंचायत सीईओ श्री ओपी सनोडिया ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से संवाद के दौरान कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा पास करने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को बेहतर दिशा देने का आधार है। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने, शिक्षकों के मार्गदर्शन का लाभ लेने तथा अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता दें और उनकी विद्यालय में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने में सहयोग करें। बच्चों की छोटी-छोटी जरूरतों और आने-जाने की कठिनाइयों को समझकर प्रशासन द्वारा आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की बात भी कही गई।
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत प्रशासन द्वारा अपनाया जा रहा यह संवाद आधारित प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यार्थियों की शिक्षा और नियमित उपस्थिति को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता की पहल के बाद प्रशासनिक अमले द्वारा विद्यार्थियों के घर पहुंचकर संवाद करना और फिर बच्चों का उत्साह के साथ स्कूल के लिए रवाना होना इस अभियान के सकारात्मक परिणामों को दर्शाया है।
संपादक मयंक सक्सेना की रिपोर्ट