- शासन की प्राथमिकताओं और विकास कार्यों की समीक्षा, अधिकारियों को जनहित में त्वरित एवं प्रभावी कार्य करने के निर्देश
- दिसम्बर तक हितग्राहीमूलक योजनाओं का शत-प्रतिशत वित्त पोषण पूरा करने के निर्देश, सड़कों के गड्ढों की तत्काल मरम्मत पर दिया जोर
विदिशा, भोपाल संभाग आयुक्त श्री कर्मवीर शर्मा ने जिले में संचालित शासन की प्राथमिकताओं, जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की विभागवार गहन समीक्षा की। उन्होंने बैठक में सुशासन को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को जनहित में प्रभावी कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकताएं ही जिले की प्राथमिकताएं हैं। आमजन को समय-सीमा में शासन की योजनाओं का लाभ एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इस दौरान बैठक में कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने विदिशा जिले के जनहितकारी नवाचारों, प्रशासनिक सुधारों और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी।
भोपाल संभाग आयुक्त श्री कर्मवीर शर्मा ने कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय कार्यों में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित प्राथमिकताओं एवं समय-सीमा का पूरी गंभीरता से पालन करते हुए सभी योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। प्रत्येक विभागीय अधिकारी को अपनी विभागीय प्राथमिकताओं, लक्ष्यों एवं समय-सीमा की पूर्ण जानकारी होना आवश्यक है, जिससे योजनाओं का प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन किया जा सके।
संभागायुक्त श्री शर्मा ने विशेष रूप से हितग्राहीमूलक योजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए तथा दिसंबर माह तक सभी हितग्राहीमूलक योजनाओं में शत-प्रतिशत वित्त पोषण का लक्ष्य हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
बैठक में वर्षा ऋतु को देखते हुए सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया। संभागायुक्त ने लोक निर्माण विभाग एवं संबंधित एजेंसियों को निर्देशित किया कि जिले की सभी प्रमुख एवं ग्रामीण सड़कों का निरीक्षण कर गड्ढों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। उन्होंने कहा कि सड़क पर बने गड्ढे दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं, इसलिए समय रहते उनका सुधार कार्य पूर्ण करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी सड़क पर गड्ढों के कारण जनहानि अथवा दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न न हो।
समीक्षा बैठक के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं, विकास कार्यों, निर्माणाधीन परियोजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति का विस्तार से अवलोकन किया गया। संभागायुक्त ने विभागवार उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, गुणवत्तापूर्ण कार्य निष्पादन तथा जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने जिले में किए जा रहे विभिन्न नवाचारों, प्रशासनिक सुधारों तथा जनहित में अपनाई गई अभिनव कार्यप्रणालियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा शासन की योजनाओं को प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंचाने, सेवाओं को सरल एवं पारदर्शी बनाने तथा समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के लिए अनेक नवाचार किए जा रहे हैं। संभागायुक्त ने इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बेहतर कार्यप्रणालियों एवं नवाचारों को अन्य जिलों में भी अपनाए जाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
बैठक में सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। संभागायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि वे समन्वय एवं टीम भावना के साथ कार्य करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें तथा प्रत्येक विभाग निर्धारित समय-सीमा में अपने लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति करे।
कस्टम हायरिंग सेंटरों में अधिक से अधिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराने पर जोर –
संभाग आयुक्त श्री कर्मवीर शर्मा ने कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में खाद वितरण एवं ई-टोकन व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में किसी भी किसान को खाद की कमी का सामना न करना पड़े। साथ ही कस्टम हायरिंग सेंटरों में अधिक से अधिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया, ताकि किसानों को आसानी से आधुनिक उपकरण मिल सकें और सरकार की कस्टम हायरिंग योजना के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।
सड़कों पर विचरण कर रहे गौवंश को गौशालाओं में शिफ्ट करें –
संभागायुक्त श्री कर्मवीर शर्मा ने हितग्राहीमूलक योजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि योजनाओं के 70 प्रतिशत वित्तीय पोषण संबंधी कार्य सितंबर माह तक तथा शेष कार्य दिसंबर माह तक पूर्ण किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों से समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़कों पर विचरण कर रहे गौवंश को गौशालाओं के समन्वय से वहां शिफ्ट कराने की प्रभावी व्यवस्था लागू करने के निर्देश भी दिए।
औद्योगिक विकास को गति देने फूड प्रोसेसिंग उद्योग से जोड़ने पर जोर –
संभागायुक्त श्री कर्मवीर शर्मा ने औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से उद्यानिकी उत्पादों को फूड प्रोसेसिंग उद्योग से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में नवाचार अपनाने तथा विदिशा जिले के किसानों को उद्यानिकी फसलों का रकबा बढ़ाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, किसानों की आय में वृद्धि होगी और क्षेत्र के समग्र आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
पैक्स समितियों को बहुउद्देशीय बनाने के निर्देश –
संभागायुक्त श्री कर्मवीर शर्मा ने सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) जारी करने की प्रक्रिया को गति देने के लिए पैक्स समितियों को बहुउद्देशीय बनाने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि पैक्स समितियों को सामान्य जनरल स्टोर की तर्ज पर विकसित किया जाए, ताकि स्थानीय नागरिकों को आवश्यक सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सके। साथ ही स्थानीय मांग के अनुरूप वस्तुओं की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
सड़कों पर गड्ढों के कारण किसी भी प्रकार की दुर्घटना न हो इसके लिए विशेष सतर्कता बरतें –
संभागायुक्त श्री कर्मवीर शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़कों पर गड्ढों के कारण किसी भी प्रकार की दुर्घटना या अप्रिय घटना न हो, इसके लिए विशेष सतर्कता बरती जाए। उन्होंने संबंधित निर्माण एजेंसियों एवं विभागों को सभी गड्ढों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा प्रत्येक परियोजना की प्रगति और टाइमलाइन की जानकारी नियमित रूप से कलेक्टर के संज्ञान में प्रस्तुत करने के लिए भी कहा, ताकि कार्यों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो सके।
दूषित पेयजल से बचाव के लिए संभागायुक्त के निर्देश, विभागों को संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश –
संभागायुक्त श्री कर्मवीर शर्मा ने दूषित पेयजल से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए पीएचई, नगर पालिका, ग्रामीण विकास एवं स्वास्थ्य विभाग को संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को स्वच्छ पेयजल के उपयोग के प्रति जागरूक किया जाए तथा आवश्यकता अनुसार जल स्रोतों का क्लोरीनेशन सुनिश्चित किया जाए। संभागायुक्त ने निर्देशित किया कि कहीं भी बीमारी या संक्रमण की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई कर नियंत्रण पाया जाए, ताकि जनस्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।
विदिशा जिले के नवाचारों की कलेक्टर ने संभागीय बैठक में दी जानकारी –
उक्त बैठक में कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने विदिशा जिले में किए गए विभिन्न नवाचारों और जनहितकारी कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि जिले में शासकीय चरनोई भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, गोबर से निर्मित दीपक, मंदिर नीलामी से आय वृद्धि, ग्रामीण पुस्तकालयों की स्थापना और ‘पोषण संजीवनी अभियान’ जैसे नवाचार किए गए हैं।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने प्राथमिक शालाओं को बाल हितैषी बनाने, खाद एवं बीज उत्पादन, पारासरी नदी के उद्गम संरक्षण, ‘शाला में पहला कदम’ अभियान, फार्मर आईडी एवं ई-टोकन व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विदिशा के थानों को आईएसओ मानकों के अनुरूप स्वच्छ, सुरक्षित एवं नागरिक हितैषी मॉडल पुलिस स्टेशन के रूप में विकसित किया गया है। इसके साथ ही महिला स्व सहायता समूहों द्वारा उपार्जन केंद्रों का संचालन, सशक्त वाहिनी अभियान और हरित क्रांति योजना अंतर्गत प्राप्त भूमि की नीलामी जैसे नवाचार भी प्रस्तुत किए गए।
इस दौरान बैठक में अपर कलेक्टर श्री अनिल कुमार डामोर, जिला पंचायत सीईओ श्री ओपी सनोडिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।