कंजक्टिवाइटिस यानी आई फ्लू से बचाव के लिए करे यह उपाय।
आज कल भारत के कई राज्यों में कंजक्टिवाइटिस यानी आई फ्लू तेजी से फैल रहा है। यह आई फ्लू हर उम्र के लोगों को अपना शिकार बना रहा है, लेकिन खासकर बच्चों में यह बीमारी ज्यादा फैल रही है इसलिए छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखें। नेत्र संक्रमण की रोकथाम करना बहुत ही आवश्यक है।
हर साल बरसात का मौसम आने के साथ कंजक्टिवाइटिस यानी आई फ्लू का खतरा बढ़ जाता है। आई फ्लू के लक्षण में आंखों में जलन होना या चुभन होना , आखों का लाल हो जाना या आखों से पानी निकलना शामिल है।
तो आइए कंजक्टिवाइटिस यानी आई फ्लू के बारे में डिटेल में जानें और कैसे इस बिमारी से बचा जा सकता है।
हम आपको इस न्यूज में कुछ सुझाव दे रहे हैं जिनकी मदद से आप खुद को और अपने परिवार को इस नेत्र संक्रमण से बचा सकते हैं। नेत्र संक्रमण की रोकथाम के लिए आम नागरिकों में जागरुकता बढ़ाने के लिए सुझाव दिये हैं। इस तरह आप उक्त सभी सावधानियां बरतने से नेत्र संक्रमण से बच सकते है।
कंजक्टिवाइटिस यानी आई फ्लू कैसे फैलता है
कंजक्टिवाइटिस यानी आई फ्लू पहले से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर फैलता है, किसी संक्रमित व्यक्ति के आंखों में न देखें एवं उसके वस्त्र, तकिया, रुमाल, तौलिया छूने से बचें। कंजक्टिवाइटिस यानी आई फ्लू फैलने की सबसे बड़ी वजह है कि संक्रमित लोग अपनी आंखों को छूते हैं और अपने हाथों को धोना भूल जाते हैं। नेत्र संक्रमण की रोकथाम के लिए पूरी सावधानी रखना आवश्यक है। आपके लिए नेत्र संक्रमण से बचाव के लिए ये उपाय उपयोगी हो सकते हैं।
कंजक्टिवाइटिस यानी आई फ्लू से कैसे बचे।
– हाथ धोकर ही अपनी आंखों को छूए, आंखों को छूते समय सावधानी रखें।
– संक्रमित व्यक्ति के इस्तेमाल किए हुए वस्त्र, तकिया, आई ड्रॉप, आदि को घर के अन्य सदस्यों से अलग रखें।
– नेत्र संक्रमण से बचने के लिए स्विमिंग पूल या तालाबों का प्रयोग कम से कम करें एवं नेत्र संक्रमित व्यक्ति इनका प्रयोग ना करें।
– अगर आपको नेत्र संक्रमण हो जाए, तो कांटेक्स लेंस का उपयोग बंद कर दें।
– नेत्र चिकित्सक की सलाह के अनुसार उपचार शुरू करें।
– आँखों के सौंदर्य प्रसाधनों का उपयोग न करें।
– दिन में कई बार, साफ गीले कपड़ों से आंखों के आसपास किसी भी तरह के स्राव को साफ करें और उपयोग किए गए कपड़ों को गरम पानी से धोएं।
– यदि आंखें लाल हो तो किसी डॉक्टर से सलाह लें।
– किसी भी आई ड्रॉप का प्रयोग डॉक्टर की सलाह के बाद ही करें।
– नेत्र संक्रमित व्यक्ति से बच्चों को दूर रखें क्योंकि बच्चों को नेत्र संक्रमण होने का खतरा अधिक है।
इस तरह आप उपरोक्त सभी सावधानियों का पालन करके नेत्र संक्रमण से बच सकते हैं। ध्यान रखें और स्वस्थ रहें।
राकेश जैन की रिपोर्ट