
बकस्वाहा तहसील में सिर्फ 20 पटवारी कार्यरत, किसान और ग्रामीण बेहाल
बकस्वाहा तहसील में पटवारियों की गंभीर कमी के कारण राजस्व से जुड़े अधिकांश कार्य ठप पड़ चुके हैं। कुल 40 हल्कों में से केवल 20 हल्कों में ही पटवारी कार्यरत हैं, जिससे किसानों और आम नागरिकों को अपने जरूरी दस्तावेजों और योजनाओं से जुड़ी सुविधाएं प्राप्त करने में भारी परेशानी हो रही है।
पूर्व में तहसील में 33 पटवारी पदस्थ थे, लेकिन बीते समय में 13 पटवारियों का स्थानांतरण अन्य तहसीलों और जिलों में हो गया है। प्रशासन की ओर से अब तक नए पटवारियों की पदस्थापना नहीं की गई है, जिससे स्थिति दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है।
कमी की भरपाई के लिए कार्यरत पटवारियों को दो से तीन हल्कों का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। जिससे वे भी काम के बोझ से दबाव में हैं। इसका सीधा असर राजस्व संबंधी कार्यों — जैसे नामांतरण, बंटवारा, ई-केवाईसी, फार्मर आईडी, पीएम किसान योजना, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और प्राकृतिक आपदा से जुड़ी सहायता आदि — पर पड़ रहा है।
इस संबंध में तहसीलदार श्री भरत पांडे ने बताया,
“बकस्वाहा तहसील में पटवारियों की कमी को लेकर कलेक्टर महोदय को पत्राचार कर अवगत करा दिया गया है। हमें शीघ्र ही आवश्यक पदस्थापन की अपेक्षा है।”
पटवारी संघ बकस्वाहा के अध्यक्ष श्री सत्यपाल रजक ने बताया,
“वर्तमान में तहसील बकस्वाहा में पटवारियों की संख्या अत्यंत कम है। कुछ पटवारी अवकाश पर हैं और कुछ निलंबन की स्थिति में हैं। ऐसे में अतिरिक्त हलकों का कार्यभार हम पर है, जिससे कार्य का दबाव स्वाभाविक रूप से बढ़ गया है। फिर भी हम अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि शीघ्र ही इस समस्या का समाधान होगा।”
रिपोर्ट शोभित शाह