विदिशा पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’: 1 करोड़ की सनसनीखेज डकैती का पर्दाफाश, 5 आरोपी गिरफ्तार

एसपी रोहित काशवानी के नेतृत्व में त्योंदा पुलिस की बड़ी कार्रवाई; 44 तोला सोना, 10 लाख नगद और अवैध हथियार बरामद।

विदिशा न्यूज: मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में पुलिस ने मुस्तैदी और तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए ₹1 करोड़ की बड़ी डकैती का खुलासा किया है। त्योंदा थाना क्षेत्र के रायखेड़ी गांव में हुई इस वारदात ने इलाके में सनसनी फैला दी थी, लेकिन पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के कुशल नेतृत्व में पुलिस टीमों ने आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

04 विशेष टीमों की संयुक्त कार्रवाई और बड़ी बरामदगी

पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई में न केवल आरोपियों को पकड़ा गया, बल्कि लूट का 100% मशरूका भी बरामद कर लिया गया है। बरामद सामान में 44 तोला सोना, 1 किलो से अधिक चांदी, 10 लाख रुपये नकद, एक मोटरसाइकिल और अवैध हथियार शामिल हैं, जिनकी कुल बाजार कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये आंकी गई है।

पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में मिली बड़ी कामयाबी

जिले में गंभीर अपराधों पर लगाम लगाने और उनके त्वरित खुलासे के लिए एसपी रोहित काशवानी द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत त्योंदा पुलिस को यह ऐतिहासिक सफलता मिली है। रायखेड़ी डकैती कांड का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने 04 शातिर आरोपियों और 01 विधि विरुद्ध बालक को हिरासत में लिया है।

घटना का विवरण: जब बदमाशों ने डाला था डाका

यह वारदात 23-24 जनवरी 2026 की दरम्यानी रात को हुई थी। फरियादी श्री बृजबिहारी कुर्मी (निवासी ग्राम रायखेड़ी) ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात हथियारबंद बदमाशों ने उनके घर में घुसकर पूरे परिवार को बंधक बना लिया और जीवन भर की जमापूंजी (जेवरात और नकद) लूटकर फरार हो गए। पुलिस ने तत्काल धारा 309(6), 312, 331(6), 310(2), 336(2), 336(3), 340(2) BNS और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

राहतगढ़ पुलिस की सजगता: केस में आया बड़ा मोड़

इस केस को सुलझाने में राहतगढ़ पुलिस का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा। 24 जनवरी की रात डायल-112 वाहन को देखकर आरोपी घबरा गए और भागने की कोशिश में लूट का सामान सड़क पर गिरा दिया। पुलिस बल ने गजब की फुर्ती दिखाते हुए एक आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया। इस सफल घेराबंदी में SDOP राहतगढ़ श्री योगेन्द्र सिंह भदौरिया और थाना प्रभारी मुकेश सिंह ठाकुर के नेतृत्व वाली टीम (सउनि हरिनारायण दुबे, रामसिंह, प्र.आर. मणिशंकर मिश्रा व अन्य साथियों) की सक्रिय भूमिका रही।

जांच की आधुनिक पद्धति: 300 CCTV कैमरों की खाक छानी

इस केस को सुलझाने के लिए पुलिस ने आधुनिक संसाधनों का भरपूर उपयोग किया। त्योंदा, राहतगढ़, सागर और इंदौर के 300 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले गए। जिला फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए और 150 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की गई। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र के सटीक तालमेल से आरोपियों को रायखेड़ी और बहादुरपुर से गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की सूची:

  • छोटू उर्फ धनसिंह (21 वर्ष): निवासी सेमरा गोपालमन, थाना जैसीनगर।
  • बिहारीलाल कुशवाह (33 वर्ष): निवासी रायखेड़ी, थाना त्योंदा।
  • जयदीप अहिरवार (27 वर्ष): निवासी बहादुरपुर, थाना राहतगढ़।
  • संदीप अहिरवार (26 वर्ष): निवासी बहादुरपुर, थाना राहतगढ़।
  • 01 विधि विरुद्ध बालक भी इस अपराध में शामिल पाया गया।

बरामदगी का विस्तृत विवरण (अनुमानित मूल्य ₹1 करोड़):

पुलिस ने आरोपियों के पास से जो सामग्री बरामद की है, वह उनकी कड़ी मेहनत का प्रमाण है:

  • सोना: 44 तोला (हार, अंगूठी, चेन, कमरबंद, लॉकेट, झाले, चूड़ियां आदि)।
  • चांदी: 1 किलो 300 ग्राम (पायल, लच्छे, बिछुड़ी)।
  • नगदी: ₹10,00,000 (दस लाख रुपये)।
  • अन्य: 05 मोबाइल, 01 मोटरसाइकिल (MP15 MX 9660), 01 देशी कट्टा और 01 तलवार।

गिरफ्तारी और बरामदगी का रूट मैप:

पुलिस ने सुनियोजित तरीके से कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों और एक किशोर को बहादुरपुर से पकड़ा, जबकि एक आरोपी को रायखेड़ी और एक को रजवास (राहतगढ़) से गिरफ्तार किया गया। बरामद सोने का बड़ा हिस्सा रजवास और बहादुरपुर से पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद ढूंढ निकाला।

विदिशा पुलिस टीम की सराहना:

इस पूरे ऑपरेशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और SDOP गंजबासौदा श्रीमती शिखा भलावी के मार्गदर्शन में निरीक्षक आनंद राज, संजय बेदिया, योगेंद्र साहू, और उनकी पूरी टीम (जिसमें उनि गौरव रघुवंशी, ऋतुराज सिंह, रोहित कौरव सहित कई आरक्षक शामिल थे) ने दिन-रात एक कर दिया। इन अधिकारियों के समन्वित प्रयासों ने यह साबित कर दिया कि विदिशा पुलिस अपराधियों के लिए काल है।

पुलिस की अपील: सजग रहें, सुरक्षित रहें

सफल कार्रवाई के बाद विदिशा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि को देखते ही तुरंत डायल-112 या नजदीकी थाने को सूचित करें। आपकी सतर्कता ही पुलिस की शक्ति है।

मयंक सक्सेना की रिपोर्ट

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